अन्तर्मना उवाच* (10 फरवरी!)किसी को ये खौफ़ है कि परमात्मा देख ना ले..और किसी की ये आरजू कि परमात्मा देखता रहे.. अंतरमना प्रसन्न सागर महाराज

अन्तर्मना उवाच* (10 फरवरी!)किसी को ये खौफ़ है कि परमात्मा देख ना ले..और किसी की ये आरजू कि परमात्मा देखता रहे.. अंतरमना प्रसन्न सागर महाराज एक फकीर हुआ जो बड़ा विद्वान, अनुभवी सन्त था। एक दिन राह से गुजर रहा था, उसने सामने से आते हुए एक लंगड़े भिखारी को देखा। भिखारी की एक टांग […]

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