*पुण्य उदय होते है तब आप सिद्ध चक्र महामण्डल विधान का हिस्सा बन पाते है —श्रुतसंवेगी मुनि श्री आदित्य सागर मुनिराज*

*पुण्य उदय होते है तब आप सिद्ध चक्र महामण्डल विधान का हिस्सा बन पाते है —श्रुतसंवेगी मुनि श्री आदित्य सागर मुनिराज* कोटा। मंदिर अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि शाश्वत अष्टान्हिका महापर्व के तहत सिद्धशिला पर विराजमान सिद्ध परमेष्ठी के बत्तीस गुणों की पूजा अर्घ समर्पित कर मंगलवार को सम्पन्न की गई। जिसमें उनके अनन्त […]

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