मंगल पांडे की तरह संकल्प होना चाहिए –मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज 20 21होगा अखिल भारतीय पाठशाला सम्मेलन 

धर्म

मंगल पांडे की तरह संकल्प होना चाहिए –मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज 20 21होगा अखिल भारतीय पाठशाला सम्मेलन 

अशोकनगर -प्रकृति ने दुनिया को ऐसे चोराहे पर खड़ा करके रखा है जहां सभी ओर के लिए रास्ते खुले हैं अच्छी चीजों का नाश नहीं किया जाता उसे संभाल कर रखना चाहते हैं जिस चीज को आप संभाल कर रखोगे तो वह दुबारा आयेगी इसी प्रकार यदि तुम साधु को वैलकम करेंगे तो वह बार-बार ही नहीं जन्म जन्म तक साथ रहेगा ज्ञान के संबंध में भी यही कहा गया है कि इस चीज को समझ कर रहुगा शास्त्रों में एक उपधन्य शब्द आया है इसमें संकल्प शक्ति को उद्घाटित किया गया है लोग इच्छा को सबसे आगे रखते हैं इच्छा शक्ति में व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाता है इच्छा शक्ति के स्थान पर संकल्प शक्ति को जागृत करें संकल्प शक्ति से डरते हैं।

 

 

कर्म हमेशा संकल्पवान व्यक्ति की सहायता करता है कर्म इच्छाओं की पूर्ति नहीं करता कर्म हमेशा संकल्प शक्ति का साथ देता है साधु इतनी कठिन डगर पर चल रहा है उसे पता है। यह उद्गार सुभाषगंज मैदान में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए ।

 

 

 

  संस्कार देने वाली पाठशालाओ का होगा सम्मेलन

इसके पहले जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ क्षुल्लक श्री गम्भीर सागर जी महाराज क्षुल्लक श्री वरिष्ठ सागर जी महाराज क्षुल्लक श्री विदेह सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में अखिल भारतीय पाठ शाला सम्मेलन का भव्य आयोजन 20-21तारीख को सुधामय अम्रत वर्षायोग सभा मंडप स्टेशन रोड पर होने जा रहा है इस सम्मेलन में देशभर के प्रतिनिधि भाग लेंगे वहीं दूसरे दिन 21सित को सुबह सात बजे अग्रवाल पैलेस से परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमणज्मुनि पुंगव श्रीसुधा सागर जी महाराज के सान्निध्य में भव्य विशाल शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली जायेगी इस दौरान परम पूज्य गुरुदेव के दर्शनो का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त होगा।

 

 

संकल्प शक्ति के सहारे चलते चले जाना है

 उन्होंने कहा कि इस पंचम काल में मुनि महाराज मोक्ष नहीं जा सकते फिर भी इस कठोर तपस्या को संकल्प शक्ति के सहारे चल पड़े है कितना ही कठिन मार्ग है इसे मै करके रहूगा इसी संकल्प के सहारे मेंढक समवशरण में जा रहा है उसी समय राजा श्रेणिक की सवारी निकल रही है और राजा के हाथी के पैर के नीचे आ गया और मरण को प्राप्त हो कर देव पर्याय में पहुंचता अवधि ज्ञान लगाकर सीधा समवशरण में पहुंच जाता है वह तुच्छ प्राणी संकल्प शक्ति के सहारे राजा श्रेणिक से पहले समवशरण में पहुंच जाता है।

 

 

मंगल पांडे की तरह संकल्प होना चाहिए

उन्होंने कहा कि संकल्प तोड़ा नहीं है टूट गया। नियम टूट गया और तोड़ देना कोई बात नहीं मंगल पांडे को पता था कि मैं देश को आजाद नहीं करा सकता पक्का था मंगल पांडे ने संकल्प किया कि देश को आजाद कराकर रहुगा तुम्हारा इरादा नेक है संकल्प सही है तो मरकर इंकलाब जिंदाबाद के नारे को साकार रूप लेने में भले ही सौ साल लगे लेकिन हमें आजादी मिली आज भी दुनिया सबसे पहले मंगल पांडे को याद करती हैं देश की आजादी में कोई भी मंगल पांडे की भूमिका को कम करके नहीं आंका सकता क्योंकि उन्होंने संकल्प शक्ति के साथ आजादी की आवाज को प्राणों का बलिदान देकर दुनिया के कौने कौने में पहुंचा था जो नियम लिया है उसे किसी भी तरह से पूरा करना है।

         संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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